NDTV पर SEBI का बड़ा एक्शन, सिक्योरिटीज मार्केट से 2 साल तक बैन, पढ़ें पूरी ख़बर

सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने शुक्रवार को एनडीटीवी लिमिटेड के तीन प्रोमोटर्स को सिक्योरिटीज मार्केट में दो साल के लिये प्रतिबंधित कर दिया। इन प्रोमोटर्स में प्रणय रॉय, राधिका रॉय और इन दोनों की कंपनी आरआरपीआर होंल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल है। सेबी ने एनडीटीवी चेयरमैन प्रणय रॉय और मैनेजिंग डायरेक्टर राधिका रॉय को दो साल तक कंपनी के निदेशक मंडल या शीर्ष प्रबंधन में किसी भी तरह की भूमिका से भी प्रतिबंधित कर दिया। ये दोनों अब किसी अन्य कंपनी के निदेशक मंडल या शीर्ष प्रबंधन में एक साल तक शामिल नहीं हो सकते हैं।

सेबी के फैसले पर प्रणय और राधिका रॉय ने कहा कि सेबी का आदेश गलत आकलन पर आधारित है। इसके साथ ही बेहद ही असामान्य और अनुचित दिशा में दिया गया है। उन्होंने कहा कि वह कुछ दिनों में अगला कानूनी कदम उठाएंगे। इससे पहले सेबी ने कहा कि तीन ऋण करार को लेकर अल्पांश शेयरधारकों से जानकारी छिपाकर कई नियमों का उल्लंघन किया गया है।

सेबी ने इसके लिये प्रणय, राधिका और आरआरपीआर होल्डिंग्स को फटकार भी लगाई। इन तीन ऋण करारों में एक आईसीआईसीआई बैंक के साथ है जबकि दो अन्य करार बेहद कम ज्ञात कंपनी विश्वप्रधान कर्मिशयल प्राइवेट लिमिटेड के साथ है। थोक बिक्री का कारोबार करने वाली कंपनी विश्वप्रधान कर्मिशयल प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 2008 में हुई।

बताया जाता है कि बाद में इसका मालिकाना हक मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने नाहटा समूह को दे दिया। नाहटा समूह वही कंपनी है जिससे मुकेश अंबानी ने पुन: दूरसंचार क्षेत्र में उतरने के लिये 2010 में इंफोटेल ब्रॉडबैंड को खरीदा था। सेबी ने 51 पेज के अपने ताजा आदेश में कहा कि प्रणय रॉय, राधिका रॉय और आरआरपीआर होंल्डिंग्स के सभी निदेशकों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर से प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री करने तथा सिक्योरिटीज मार्केट से किसी भी तरह जुड़े रहने से प्रतिबंधित किया जाता है। यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू है।

सेबी ने कहा कि प्रतिबंध की अवधि के दौरान म्यूचुअल फंड इकाइयों समेत उनके मौजूदा होंल्डिग्स जब्त रहेंगे। सेबी ने कहा कि एनडीटीवी के एक शेयरधारक क्वांटम सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड ने 2017 में शिकायतें की थीं। उसने आरोप लगाया था कि विश्वप्रधान कर्मिशयल प्राइवेट लिमिटेड के साथ ऋण करारों को लेकर शेयरधारकों को दी जाने वाली सूचनाओं से संबंधित नियमों का उल्लंघन किया गया है। सेबी ने इन शिकायतों के बाद जांच शुरू की थी।

सोर्स – जनसत्ता